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इंडिया स्टैक ने नागरिकों के जीवन में बदलाव किया है और सरकार एवं डिजिटल लोगों के बीच विश्वास उत्पन्न किया है: राजीव चंद्रशेखर

केंद्रीय राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर और बांग्लादेश, दक्षिण कोरिया, फ्रांस और तुर्किए के मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों के साथ हुई द्विपक्षीय बैठकें

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नई दिल्ली, 19अगस्त। केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री, राजीव चंद्रशेखर ने जी-20 डिजिटल अर्थव्यवस्था कार्य समूह की चौथी बैठक में बांग्लादेश, दक्षिण कोरिया, फ्रांस और तुर्किए के मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों और अन्य वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।

मंत्री महोदय ने बांग्लादेश के आईसीटी राज्यमंत्री, जुनैद अहमद पलक से मुलाकात की और उनके साथ विभिन्न विषयों पर बातचीत की। उनके बीच की चर्चा इंडिया स्टैक, साइबर सुरक्षा एवं कौशल में संभावित सहयोग पर केंद्रित रही। इस बैठक के दौरान राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच साझेदारी से दक्षिण एशिया में दुबारा से कहानी लिखी जाएगी।

मंत्री ने फ्रांस के डिजिटल कार्य मंत्रालय के राजदूत, हेनरी वर्डियर के साथ द्विपक्षीय बैठक की। उनकी बातचीत इस बात पर केंद्रित रही कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी प्रौद्योगिकियां लोगों के जीवन में किस प्रकार से परिवर्तन ला सकती हैं। राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि नए भारत में एआई में बहुत बड़ा निवेश किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि, “भारत और फ्रांस जैसे समान विचारधारा वाले देशों के लिए यह एक बहुत बड़ा अवसर है कि वे उन देशों की सहायता करें जो इंडिया स्टैक जैसे डीपीआई के माध्यम से अपनी सरकार और अर्थव्यवस्था का डिजिटलीकरण करना चाहते हैं।”

तुर्किए के उद्योग एवं प्रौद्योगिकी मंत्री, मेहमत फतह कासिर के साथ अपनी बैठक के दौरान राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि प्रौद्योगिकी के भविष्य को कुछ देशों और कंपनियों द्वारा ही नहीं गढ़ा जा सकता है और इसे ज्यादा समावेशी बनाने की आवश्यकता है।

अंत में, मंत्री ने दक्षिण कोरिया के विज्ञान एवं आईसीटी मंत्रालय के उप मंत्री, डॉ जिन-बे होंग के साथ द्विपक्षीय बैठक की, जिसमें प्रौद्योगिकी, विशेष रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में भारत एवं दक्षिण कोरिया के बीच गहरे संबंधों पर चर्चा हुई। राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि “हमारी साझेदारी का पूरे विश्व पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ सकता है।” मंत्रियों ने एक सुरक्षित और विश्वसनीय इंटरनेट की आवश्यकता पर भी बातचीत की।