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आकाशवाणी 3 दिसंबर, 2022 को अपना वार्षिक डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्मृति व्याख्यान प्रसारित करेगा

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लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला यह व्याख्यान देंगे

यह प्रसारण आकाशवाणी के संपूर्ण नेटवर्क पर रात 9.30 बजे से उपलब्ध होगा

दूरदर्शन समाचार डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्मृति व्याख्यान का प्रसारण रात 10.30 बजे से करेगा

आकाशवाणी शनिवार, 3 दिसंबर, 2022 को डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्मृति व्याख्यान के वार्षिक संस्करण का प्रसारण करेगा। लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिड़ला यह व्याख्यान देंगे। यह प्रसारण शनिवार, 3 दिसंबर, 2022 को रात 9.30 बजे से आकाशवाणी के संपूर्ण नेटवर्क पर उपलब्ध होगा। इस प्रसारण को सुनने के लिए श्रोता आकाशवाणी के प्राथमिक चैनल 100.1 एफएम गोल्ड और 102.6 एफएम रेनबो, ट्विटर पर @airnewsalerts, NewsOnAirOfficial यूट्यूब चैनल और NewsOnAir ऐप का उपयोग कर सकते हैं।

दूरदर्शन समाचार उसी दिन रात 10.30 बजे से डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्मृति व्याख्यान का प्रसारण करेगा।

व्याख्यान के इस वर्ष का विषय “अमृत काल में भारतीयता” है, जो भारत की आजादी के 75 वर्ष पूरे होने से जुड़ा है।

डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्मृति व्याख्यान के बारे में:

डॉ. राजेंद्र प्रसाद स्मृति व्याख्यान का आयोजन आकाशवाणी द्वारा भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की स्मृति में किया जाता है, जो सादगी के प्रतीक, प्रसिद्ध विद्वान, संविधान सभा के अध्यक्ष एवं महान दूरदर्शी थे और जिन्होंने अपने मन में भारत और भारतीयता को सर्वोपरि रखा।

उनकी स्मृति में आकाशवाणी द्वारा आयोजित इस व्याख्यानमाला की वर्ष 1969 से एक समृद्ध परंपरा रही है। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकरदयाल शर्मा, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू जैसी प्रतिष्ठित हस्तियां और हजारी प्रसाद द्विवेदी, महादेवी वर्मा, हरिवंश राय बच्चन जैसे भारतीय साहित्य के दिग्गज उन लोगों में शामिल हैं जिन्होंने अतीत में भारत के सांस्कृतिक लोकाचार और इसकी प्रगति से संबंधित व्यापक विषयों पर इस प्रतिष्ठित स्मृति व्याख्यानमाला को संबोधित किया है।

इस व्याख्यान की रिकॉर्डिंग भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती के अवसर पर हर वर्ष 3 दिसंबर को आकाशवाणी के पूरे नेटवर्क पर प्रसारित की जाती है। इस व्याख्यानमाला का उद्देश्य देश के राजनीतिक, सांस्कृतिक और सामाजिक परिवेश का मूल्यांकन करना है। इन व्याख्यानों के माध्यम से देश की उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं का भी आलोचनात्मक विश्लेषण किया जाता है।