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एमओयूएचए ने ‘इंडिया वाटर पिच-पायलट-स्केल स्टार्ट-अप चैलेंज’ के तहत 76 स्टार्ट-अप से परिचित कराया

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जल आपूर्ति, प्रबंधन और जलस्रोतों के कायाकल्प के मुद्दों पर काम करने के लिए प्रत्येक स्टार्ट-अप को ₹20 लाख तक की सहायता प्रदान की जाएगी: हरदीप सिंह पुरी

मंत्रालय ने 485 शहरों में पानी की गुणवत्ता और वितरण का आकलन करने के लिए ‘पेय जल सर्वेक्षण’ टूलकिट उतारा

आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) ने ‘इंडिया वाटर पिच-पायलट-स्केल स्टार्ट-अप चैलेंज’ के तहत आज नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में 76 (76) स्टार्ट-अप से परिचित कराया। केन्‍द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री (एमओएचयूए) श्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि जलापूर्ति, उपयोग किए गए जल के प्रबंधन, जलस्रोतों के कायाकल्प और भूजल प्रबंधन आदि के क्षेत्र में काम करने के लिए प्रत्येक चुने गए स्टार्ट-अप को ₹ 20 लाख तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान एमओएचयूए राज्य मंत्री श्री कौशल किशोर, श्री मनोज जोशी (सचिव एमओएचयूए), सुश्री डी. थारा (अपर सचिव) और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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अमृत 2.0 मिशन के अंतर्गत मार्च, 2022 में शुरू की गई एक चुनौती प्रक्रिया के माध्यम से मंत्रालय ने इन स्‍टार्ट अप्‍स का चयन किया है। इस संबंध में एक ‘स्‍टार्टअप गेटवे’ भी शुरू किया गया है जहां स्‍टार्ट अप आवेदन कर सकते हैं और वित्तीय सहायता के लिए मंत्रालय उनका चयन कर सकता है।

आयोजन के दौरान, जल जीवन मिशन के अंतर्गत मंत्रालय ने सीवरेज, सेप्टेज प्रबंधन, शिकायत निवारण, जल निकाय संरक्षण, भूजल प्रबंधन आदि सहित पानी की गुणवत्ता और नागरिकों को उसके वितरण का आकलन करने के लिए 485 शहरों में ‘पेय जल सर्वेक्षण’ के लिए एक टूलकिट भी उतारा।

इस कार्यक्रम में एमओएचयूए की फोटोग्राफी प्रतियोगिता की 25 सर्वश्रेष्ठ तस्वीरों को पुरस्कार भी दिया गया, प्रत्येक को ₹ 10,000 का पुरस्कार प्रदान किया गया। ‘मिशन अमृत सरोवर’ के तहत मंत्रालय ने जलस्रोतों के संरक्षण के बारे में छात्रों में जागरूकता फैलाने के लिए प्रतियोगिता आयोजित की थी।

बाद में आयोजन के दौरान, राष्ट्रीय रिमोट सेंसिंग सेंटर, हैदराबाद की मदद से एक पोर्टल अर्बन वाटरबॉडी इंफॉर्मेशन सिस्टम (यूडब्‍ल्‍यूएआईएस) भी शुरू किया गया। पोर्टल विभिन्न शहरों को उनकी कायाकल्प की योजना के लिए जलस्रोतों की उपग्रह तस्‍वीरें प्रदान करेगा। कार्यक्रम के दौरान 219 शहरों को जलस्रोतों की यूडब्‍ल्‍यूएआईएस फाइल सौंपी गई।