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केंद्र सरकार ने कच्चे जूट की कीमत संबंधी सीमा को 20 मई, 2022 से हटाने का फैसला किया

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कीमत संबंधी सीमा हटाने से जूट के किसानों, मिलों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को मदद मिलेगी

कीमतों में गिरावट के रूझान से जूट के सामानों के निर्यात, जोकि मूल्य की दृष्टि से इस उद्योग के कुल कारोबार का लगभग 30 प्रतिशत है, को भी फायदा होगा
केंद्र सरकार ने कच्चे जूट के व्यापार के बाजार संबंधी आयामों का सावधानीपूर्वक विश्लेषण करने के बाद 30 सितंबर, 2021 से प्रभावी कच्चे जूट के टीडी5 ग्रेड के लिए जूट मिलों और अन्य अंतिम उपयोगकर्ताओं द्वारा कच्चे जूट की खरीद पर 6500/- रुपये प्रति क्विंटल की निर्धारित कीमत संबंधी सीमा को हटा दिया है।

जूट आयुक्त कार्यालय ने औपचारिक एवं अनौपचारिक स्रोतों के जरिए कच्चे जूट की कीमतों के बारे में जानकारी एकत्र की है और यह पाया है कि वर्तमान कीमतें निर्धारित कीमत संबंधी सीमा के करीब चल रही हैं। कच्चे जूट की मौजूदा कीमत लगभग 6500/- रुपये होने को देखते हुए भारत सरकार ने दिनांक 20 मई 2022 से कीमत संबंधी सीमा हटाने का एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

यह उम्मीद है कि कीमत संबंधी सीमा हटाने से जूट के किसानों, मिलों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को मदद मिलेगी। लगभग 40 लाख जूट किसानों के अलावा 7 लाख से अधिक लोग जूट व्यापार पर निर्भर हैं। कीमतों में गिरावट के रूझान से जूट के सामानों के निर्यात, जोकि मूल्य की दृष्टि से इस उद्योग के कुल कारोबार का लगभग 30 प्रतिशत है, को भी फायदा होगा।