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आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने स्ट्रीट्स फॉर पीपल एंड नर्चरिंग नेबरहुड चैलेंज के विजेताओं की घोषणा की

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साइकिल4चेंज और स्ट्रीट्स फॉर्म पीपल चैलेंज के सीजन 2 का शुभारंभ किया गया

आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने एक ऑनलाइन कार्यक्रम में स्ट्रीट्स फॉर पीपल चैलेंज के लिए ग्यारह विजेता शहरों की घोषणा की और नर्चरिंग नेबरहुड चैलेंज के पायलट चरण के लिए दस विजेता शहरों की घोषणा की। ये शहर अब चुनौती के बड़े चरण में प्रवेश करेंगे, जिसमें पायलट चरण में शुरू की गई परियोजनाओं को अब स्थायी रूप से आगे बढ़ाया जाएगा। इस कार्यक्रम में, मंत्रालय ने इंडिया साइकिल्स4चेंज एंड स्ट्रीट्स फॉर पीपल चैलेंजेज के सीजन-2 का शुभारंभ किया और ‘नर्चरिंग नेबरहुड चैलेंज: स्टोरीज फ्रॉम द फील्ड’ नामक पुस्तक का विमोचन भी किया।

आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव श्री मनोज जोशी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। प्रतिभागियों में 100 स्मार्ट शहरों के सीईओ सहित चैलेंज के आयोजक भागीदार संगठनों के वैश्विक और भारतीय अधिकारी, विजेता शहरों के प्रतिनिधि, केंद्र तथा राज्य सरकारों के अधिकारी शामिल थे।

स्ट्रीट4पीपल चैलेंज पायलट फेज के तहत विजेता शहरों की घोषणा

2020 से, स्मार्ट सिटीज मिशन (एससीएम) सार्वजनिक स्थानों को लोगों के लिए अधिक अनुकूल बनाने के लिए इंटर-सिटी चैलेंज का आयोजन कर रहा है। यह 2006 की राष्ट्रीय शहरी परिवहन नीति के अनुरूप है, जिसमें कार-केंद्रित सड़कों के स्थान पर जन-केंद्रित गलियों के रूप में एक व्यापक बदलाव का आह्वान किया गया था। पिछले 18 महीनों में, ये चैलेंजेज यानी साइकिल4चेंज और स्ट्रीट्स फॉर पीपल, 100 स्मार्ट सिटी से आगे आगे बढ़कर एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन में तब्दील हो गए हैं।

‘स्ट्रीट्स फॉर पीपल चैलेंज’ के तहत, 38 शहरों ने पैदल चलने वालों के लिए प्राथमिकता देकर एक महत्वपूर्ण गली की फिर से परिकल्पना की। एक जूरी पैनल द्वारा 11 शहरों को अगले बड़े चरण के लिए चुना गया है तथा आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय की ओर से प्रत्येक शहर को 50 लाख रुपये से सम्मानित किया जाएगा। चैलेंज के दौरान जूरी द्वारा चार शहरों का उनके प्रयासों के लिए विशेष उल्लेख किया गया। विजेता शहरों की सूची अनुलग्नक 1 में दी गई है। परिवहन एवं विकास नीति संस्थान (आईटीडीपी इंडिया) के तकनीकी सहयोग से इस चैलेंज का संचालन किया गया। स्ट्रीट्स फॉर पीपल चैलेंज के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया https://smartnet.niua.org/indiastreetchallenge/ देखें।

इंडिया साइकिल्स4चेंज और स्ट्रीट्स4पीपल चैलेंज के लिए एक दूसरा सीज़न भी लॉन्च किया गया। कोई भी शहर जो पहले से शीर्ष 11 विजेताओं में नहीं है, कोई भी स्मार्ट सिटी, राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की राजधानी या 5 लाख से अधिक जनसंख्या वाला शहर आवेदन कर सकता है।

पायलट चरण यानी इंडिया साइकिल्स4चेंज तथा स्ट्रीट्स फॉर पीपल चैलेंजेज के पहले चरण के तहत:

सड़कों को साइकिल चलाने के अनुकूल बनाने के लिए शहरों ने अस्थायी समाधानों के माध्यम से 400 किलोमीटर से अधिक लंबे गलियारों का सुधार किया
0 सर्वेक्षणों के माध्यम से 60,000 से अधिक नागरिकों से राय प्राप्त की

o अपने शहरों का समर्थन करने के लिए 600 से अधिक नागरिक समाज संगठनों से मुलाकात की

o लोगों के लिए सड़कों को पुनः प्राप्त करने के लिए रचनात्मक समाधान विकसित करने और परीक्षण करने के लिए 1800 से अधिक डिज़ाइन पेशेवर, छात्र और अन्य संगठन एक साथ आए

अगले बड़े चरण, अर्थात चरण-2 में, शहर निम्नलिखित कार्य करेंगे:

o एक प्रगतिशील स्वस्थ गलियां और पार्किंग नीति अपनाने की दिशा में काम करना, क्षेत्र स्तरीय पार्किंग योजना बनाना और ऑन-स्ट्रीट पार्किंग प्रबंधन शुरू करना

पैदल चलने वालों और साइकिल चालकों के अधिकारों की रक्षा के लिए सक्रिय गतिशीलता अधिनियम से प्रेरित होकर, शहरी भूमि परिवहन निदेशालय (डीयूएलटी), कर्नाटक सरकार ने कर्नाटक में बातचीत शुरू की है, जो इस तरह के प्रगतिशील अधिनियम को अपनाने की दिशा में काम करने के लिए शहरों और राज्यों का समर्थन करेगी।
o शहर अपने क्रियाकलाप को स्थायी बनाने और पूरे शहर में इसे बढ़ाने की दिशा में काम करेंगे

o शहर एक स्वस्थ सड़क विभाग की स्थापना के माध्यम से संस्थागत लचीलापन लाने के लिए काम करेंगे।

नर्चरिंग नेबरहुड चैलेंज के तहत विजेता शहरों की घोषणा

आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने बर्नार्ड वैन लीयर फाउंडेशन (बीवीएलएफ) और तकनीकी भागीदार वर्ल्ड रिसोर्स इंस्टीट्यूट (डब्ल्यूआरआई) इंडिया के सहयोग से, नर्चरिंग नेबरहुड चैलेंज के लिए दस विजेता शहरों की घोषणा की। चैलेंज एक 3 साल की चरणबद्ध पहल है, जिसका उद्देश्य भारतीय शहरों में बचपन के अनुकूल पड़ोस को आकार देना है। विजेता शहरों की सूची अनुलग्नक 2 में दी गई है। आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, बीवीएलएफ के प्रतिनिधियों तथा शहरी डिजाइन, प्रारंभिक बचपन के विकास एवं व्यवहार परिवर्तन के क्षेत्र के स्वतंत्र विशेषज्ञों की एक जूरी द्वारा व्यापक मूल्यांकन के बाद फाइनलिस्ट का चयन किया गया।

नवंबर 2020 में चैलेंज की शुरुआत के बाद, देश भर में 60 से अधिक शहरी एजेंसियों ने शिशुओं, बच्चों और उनकी देखभाल करने वालों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य का स्तर बढ़ाने के लिए नेबरहुड लेवल पायलट परियोजनाओं को लागू करने के प्रस्तावों के संदर्भ में एक राष्ट्रव्यापी आह्वान के प्रति अत्यधिक रुचि दिखाई। फरवरी 2021 में एक विशेषज्ञ समिति द्वारा उनके प्रस्तावों की गंभीरता के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया गया, 25 शहरों को शुरुआती जीत का प्रदर्शन करने, नागरिकों की भागीदारी की मांग करने और अपनी परियोजनाओं के आसपास आम सहमति बनाने के लिए अगले 7 महीनों में क्षमता निर्माण के लिए तकनीकी सहायता मिली। उपर्युक्त फाइनलिस्ट शहरों के अलावा, समूह में अगरतला, कोयंबटूर, धर्मशाला, इरोड, हैदराबाद, कोटा, नागपुर, राजकोट, रांची, रोहतक, सेलम, सूरत, तिरुवनंतपुरम, तिरुपुर और उज्जैन शामिल थे।

नर्चरिंग नेबरहुड चैलेंज पायलट चरण यानी चरण 1 के तहत, 7 महीनों में, 25 शहरों के अग्रणी समूह ने निम्नलिखित कार्य किए-

o पूरे भारत में आस-पड़ोस में 70 से अधिक पायलट परियोजनाओं को लागू किया गया। इन विविध परियोजनाओं में मलिन बस्तियों में सार्वजनिक स्थानों का निर्माण, उम्र वर्ग के लिए उपयुक्त खेल क्षेत्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और आंगनवाड़ियों के आसपास बाहरी प्रतीक्षा स्थान, देखभाल करने वालों के लिए सुविधाएं, जैसे सार्वजनिक शौचालय और नर्सिंग केबिन, बेहतर सड़कों और जंक्शनों का निर्माण, पार्क और उद्यान बनाने के लिए कम उपयोग वाली तथा बची हुई जगह का इस्तेमाल करना।

इन परियोजनाओं से 0-5 वर्ष की उम्र के 1 लाख से अधिक बच्चों तथा 1 मिलियन से अधिक लोगों को लाभ हुआ।

o छोटे बच्चों के अनुकूल शहरों की दिशा में आंदोलन का रूप देने के लिए 200 से अधिक चैंपियन धरातल पर बदलाव का नेतृत्व कर रहे हैं

अगले बड़े चरण यानी चरण 2 में, 10 विजेता शहरों को तकनीकी सहायता देकर उनका क्षमता निर्माण किया जाएगा-

o पायलट परियोजनाओं को सीखना तथा दोहराना और विकास योजनाओं, विनियमों एवं नीतियों को प्रभावित करना।

0 ये शहर इस कार्य को आगे बढ़ाने के लिए एक समर्पित संस्थागत प्रणाली स्थापित करने पर विचार कर सकते हैं।

‘नर्चरिंग नेबरहुड्स चैलेंज – स्टोरीज फ्रॉम द फील्ड’ नामक पुस्तक का विमोचन

इस बुकलेट में उन सभी 25 शहरों की परियोजनाओं का संकलन है, जो नर्चरिंग नेबरहुड चैलेंज के पायलट चरण का हिस्सा थे और इसे चैलेंज वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। नर्चरिंग नेबरहुड चैलेंज के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया https://smartnet.niua.org/nurturing-neighbourhoods-challenge/web/ देखें।