Online News Portal for Daily Hindi News and Updates with weekly E-paper

श्रावण में शनिवार, रविवार और सोमवार को कैंसल रह सकती है भस्म आरती की सामान्य बुकिंग, इस बार श्रावण में चार सोमवार

24
Tour And Travels

उज्जैन
ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावण मास में सप्ताह के तीन दिन भस्म आरती की सामान्य बुकिंग सुविधा स्थगित रह सकती है। मंदिर समिति शनिवार, रविवार व सोमवार यानी भीड़ वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या सीमित करने पर विचार कर रही है। बता दें इन दिनों के लिए भस्म आरती की ऑनलाइन बुकिंग सुविधा को पहले ही ब्लॉक कर दिया गया है। यानी इन तीन दिनों में ऑफलाइन, ऑनलाइन व्यवस्था की कुल 700 सीटों पर बुकिंग नहीं होगी। महाकाल मंदिर में 11 जुलाई से श्रावण मास की शुरुआत होगी।
 
3 से 4 लाख श्रद्धालु पहुंचेंगे महाकाल के दर्शन को
पंचांग की गणना के अनुसार 9 अगस्त तक चलने वाले इस पुण्य पवित्र मास में प्रतिदिन 3 से 4 लाख भक्तों के भगवान महाकाल के दर्शन करने आने का अनुमान है। देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं के मन में भगवान महाकाल की भस्म आरती के दर्शन की प्रबल इच्छा रहती है।

भक्तों की इसी मंशा का पूरा करने के लिए मंदिर समिति भस्म आरती में चलायमान दर्शन व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने की योजना बना रही है। इसके लिए कार्तिकेय मंडपम को पूरी तरह रिक्त रखा जाएगा। नंदी व गणेश मंडपम में बैठकर भस्म आरती दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बेहद सीमित रहेगी। खासकर शनिवार, रविवार व सोमवार को अत्यधिक भीड़ वाले दिनों में भस्म आरती की सामान्य बुकिंग सुविधा को भी बंद रखा जाएगा।

भस्म आरती बुकिंग के अभी यह विकल्प
ऑनलाइन – 400 स्थान
ऑफलाइन – 300 स्थान
प्रोटोकाल – 700 स्थान
पुजारी, पुरोहित के यजमान – 400 स्थान
प्रतिदिन कुल – 1800 सीट की बुकिंग

इस बार श्रावण में चार सोमवार
11 जुलाई से शुरू हो रहे श्रावण मास का समापन 9 अगस्त रक्षा बंधन के दिन होगा। इस बार श्रावण मास में चार सोमवार रहेंगे। श्रावण का पहला सोमवार 14 जुलाई, दूसरा 21 जुलाई, तीसरा 28 जुलाई तथा चौथा सोमवार 4 अगस्त को रहेगा।

रात 2.30 बजे खुलेंगे मंदिर के पट
श्रावण मास में भगवान महाकाल भक्तों के लिए समान्य दिनों की जल्दी जागेंगे। श्रावण मास में प्रत्येक रविवार को रात 2.30 बजे मंदिर के पट खुलेंगे। पश्चात भगवान महाकाल की भस्म आरती होगी। सप्ताह के शेष दिनों में रात 3 बजे मंदिर के पट खोले जाएंगे।