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जिस सिंदूर का कर्ज पूरे भारत पर था, उस कर्ज को पांच पांडवों ने मिलकर चुका दिया है: देवकीनंदन ठाकुर

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मथुरा
कथावाचक देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज ने कहा कि माताओं और बेटियों के सिंदूर का बदला पांच पांडवों ने लिया है। उन्‍होंने कहा कि ये पांच पांडव हैं भारत की तीनों सेनाएं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह। देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर कहा कि आज का दिन भारत के लिए गर्व और शौर्य का है। भारत की तीनों सेनाओं को मेरा नमन है। सेना ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला लेकर भारत का सम्‍मान बढ़ाया है।
देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज ने कहा कि पाकिस्तानी सिंदूर की कीमत नहीं जानेंगे। पाकिस्तानियों को सिंदूर के महत्व की जानकारी नहीं है। सिंदूर भारत में सनातनियों का मान-सम्मान है। बहन-बेटियों की आन-बान-शान है। जिस सिंदूर का कर्ज पूरे भारत पर था, उस कर्ज को पांच पांडवों ने मिलकर चुका दिया है।

देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज ने सिंदूर को लेकर महाभारत का प्रसंग भी सुनाया। उन्होंने कहा कि द्रौपदी को जुआ में हारने के बाद दुशासन ने उनके बालों को पकड़कर भरी सभा में बेइज्जती की थी। इसके बाद द्रौपदी ने दुशासन के रक्त से अपने खुले बालों को धोने का प्रण लिया और पांच पांडवों को इस पर धिक्कार लगाई थी। देवकीनंदन ने बताया कि सिंदूर की लाज के लिए भीम ने दुशासन को मारकर द्रौपदी को रक्त दिया था। उन्होंने कहा, "यह होता है सनातन में सिंदूर का महत्व।"

बता दें कि भारत ने पहलगाम आतंकी हमले में आतंकियों ने 26 निर्दोष लोगों को मौत के घाट उतार दिया था। पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा की शाखा द रेजिस्टेंस फ्रंट ने कश्मीर के पर्यटन स्थल में 26 लोगों के नरसंहार की जिम्मेदारी ली थी। इसके बाद से ही भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में तनाव पैदा हो गया था। भारत ने पाकिस्तान पर कई तरह की पाबंदी लगा दी थी।

पहलगाम हमले के ठीक 15 दिन बाद पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया है। हमले का बदला भारत ने पाकिस्तान और पीओके में एयर स्ट्राइक से लिया है। भारतीय सेना ने नौ आतंकी ठिकानों पर ऑपरेशन सिंदूर को सफलता पूर्वक अंजाम दिया है। हमले के लिए जिम्मेदार समूहों से जुड़े आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाकर ऑपरेशन सिंदूर सटीकता के साथ किया गया। भारत सरकार ने पुष्टि की है कि सभी नौ ठिकानों पर सफलतापूर्वक हमला किया गया। इस दौरान पाकिस्तान में कोई भी नागरिक या सैन्य ढांचा प्रभावित नहीं हुआ।