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खादी की दरियों की गर्माहट महसूस करेंगे अर्द्धसैनिक बलों के जवान स्वदेशी अभियान को एक बड़ा प्रोत्साहन

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खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की ओर से 3.95 करोड़ रुपये मूल्य की 77,600 सूती खादी की दरियों की खरीद का एक नया आदेश प्राप्त होने के साथ अर्द्धसैनिक बलों के बीच स्वदेशी अभियान की गति और तेज हो गई है। इस आदेश के साथ, अर्द्धसैनिक बलों की ओर से सूती खादी की दरियों की कुल मांग बढ़कर 2,68,458 हो गई है, जिनका मूल्य 13.60 करोड़ रुपये है। खादी और ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने 12 दिसंबर 2021 को 1000 दरियों की पहली खेप की आपूर्ति की है जिसे अर्द्धसैनिक बलों द्वारा अनुमोदित किया गया है। शेष आपूर्ति हर 10 दिनों में 5000 पीस के लॉट में की जाएगी।

अर्द्धसैनिक बलों के लिए सूती खादी की दरी की खरीद के लिए इस साल 6 जनवरी को केवीआईसी और आईटीबीपी के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाने की पृष्ठभूमिमें यह कदम उठाया गया है। पूर्व में, कुल 9.65 करोड़ रुपये मूल्य की 1,90,858 दरियां खरीदने का आदेश दिया गया था।

विनिर्देशों के अनुसार, केवीआईसी 1.98 मीटर लंबी और 1.07 मीटर चौड़ी नीले रंग की दरियों की आपूर्ति करेगा। सूती दरियों का उत्पादन उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पंजाब के खादी संस्थानों द्वारा किया जाएगा। यह पहली मौका है जब अर्द्धसैनिक बलों के जवान खादी की गर्माहट को महसूस करेंगे।

2,68,458 दरियों के कुल आदेश में से 1,20,300 दरियों की आपूर्ति सीआईएसएफ को की जाएगी।बीएसएफ को 59,445 दरियां,आईटीबीपी को 51,000 दरियां और शेष 37,713 दरियां एसएसबी को आपूर्ति की जायेंगी।

गृह मंत्री श्री अमित शाह के निर्देश पर “आत्मनिर्भर भारत अभियान” का समर्थन करने के उद्देश्य से स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने के लिए अर्द्धसैनिक बलों के बीच स्वदेशी अभियान की शुरुआत की गई है।

केवीआईसी के अध्यक्ष श्री विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि सूती खादी की दरियों के लिए पुन: आदेश खादी उत्पादों की उत्कृष्ट गुणवत्ता, जोकि खादी की पहचान है, का प्रमाण है। श्री सक्सेना ने कहा, “खादी उत्पादों के लिए ये थोक आदेश न केवल हमारे अर्द्धसैनिक बलों के बीच स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को प्रोत्साहित करेंगे बल्कि खादी के कारीगरों के लिए बड़े पैमाने पर अतिरिक्त रोजगार भी पैदा करेंगे। केवीआईसी यह सुनिश्चित करेगा कि उच्चतम गुणवत्ता मानकों को बनाए रखते हुए इन दरियों की पूरी मात्रा हमारे जवानों तक समय पर पहुंचाई जाए।”

केवीआईसी ने आईटीबीपी द्वारा उपलब्ध कराए गए नमूनों के अनुरूप सूती दरी विकसित की है और इसे एजेंसी द्वारा अनुमोदित किया गया है। केवीआईसी द्वारा तैयार सूती दरियों को नार्थ इंडिया टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन (एनआईटीआरए), जोकि गुणवत्ता मानकों के परीक्षण के लिए वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग द्वारा मान्यता प्राप्त कपड़ा मंत्रालय की एक इकाई है,द्वारा भी प्रमाणित किया गया है।